For your feedback, suggestions and complaints email us at feedback@houseofwisdom.org. We value your suggestions and complaints.

Harun Ansari

19-04-2020

लेखक का परिचय

दोस्तों नमस्कार , सलाम , सतश्रीअक़ाल,

दोस्तों मुझे अपने देश के साथ साथ देशवासियो से भी मुहब्बत है। मै यथासंभव प्रयास करता हूँ कि समस्याओ के निदान में अपनी सक्रिय भूमिका अदा कर सकू पर यदि समस्या का निदान करने में असमर्थ हूँ तो कम से कम समस्या का कारण तो हरगीज़ न बनु।

स्वामी विवेकानंद जी के अटूट आत्मविश्वास, महात्मा गाँधी जी की सहिष्णुता, सुभाष चन्द्र बोष जी की अपराजेय साहस ,संत विनोवाभावे जी की तप व् त्याग, रविन्द्र नाथ टैगोरे जी के साहित्य की मधुर संगीत व् ए पी जे अब्दुल कलाम साहब की अग्नि से सुसज्जित सशक्त भारत को बारम्बार नमन करता हूँ।

समस्त देशवासियों ने परस्पर प्यार व् सहयोग एवं कठोर श्रम के बदौलत एक अनुपम देश भारत से इस धरा को सुसज्जित किया है। जब कभी भी भारत की मूलभावना को चोटिल करने का प्रयास किया जाता है, ह्रदय पीड़ा से कराह उठता है, मन उद्वेलित होने लगता है। और यह पीड़ा जब निरंतर होने लगा तो अंतरात्मा की आवाज़ ने पूरे वजुद को झकझोर दिया। मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

साइंस के मूल भूत सिधान्तो के हिसाब से किसी भी वस्तु के वजूद में आने के लिए एक डेफिनिट कंडीशन को फुलफील करना आवश्यक होता है यानि डिजायर्ड केमिकल रिएक्शन के लिए एक निश्चित कंडीशन की ज़रूरत होती है ठीक उसी प्रकार से देश के विकास के लिए देश में शांति, पस्पर प्यार व् विश्वास का वातावरण होना एक आवश्यक शर्त है।
इसी शर्त को पुरा करने में अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने के लिए आपसे मुखातिब हूँ। आपसी संवादहीनता एक दूसरे के प्रति संदेह पैदा करता है और यह संदेह कटुता की भावना को जन्म देता है और फिर समाज में एक दूसरे के प्रति द्वेष भाव पैदा होता है और फिर अशांति देश के विकास को वाधित करता है।

हम एक दूसरे को समझेगे, अपने विवेक से स्थिति की समीक्षा करेगें, आपसी संवाद को कायम करेगें परस्पर सद्भाव की भावना से एक ऐसा वातावरण देश को मुहैय्या कराने का प्रयत्न करेगें जिससे देश का हर वर्ग शांति से अपने हिस्से की जिम्मेदारी का निर्वाह कर सके। छात्र अपनी पढाई पूरी कर सके, किसान खुशहाल रहे जिससे की देश ख़ुशहाल रहे, वैज्ञानिक अपने दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वाह कर सके, शिक्षक देश की हर ज़रूरत को पूरी करने करने के लिए कुशाघ्र, कुशल, कौशलपूर्ण, शालीन, अनुशासित, विनम्र, प्रयत्नशील , धैर्यवान, इंसानियत से लबरेज़ पीढ़ी का निर्माण कर सके और सरकार देश के सभी वर्गों के बीच समन्वय स्थापित कर देश को सतत विकास के मार्ग पर चलने के लिए कुशल नेतृत्व प्रदान कर सके।

इस मंच का उपयोग ऐसी ही आदर्श स्थिति को प्यार के साथ एवं मानवीय सम्वेदनाओ का भरपूर सम्मान करते हुए स्थापित करने के लिए किया जायेगा ऐसा हमारा पूर्ण प्रयास होगा/ हम सभी मिलकर आपसी अविश्वास की अदृश्य दीवार को गिरा कर एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने में अपना भरपूर ताऊन देगें/ यह प्यारा भारत हम सभी का है/ विश्व में हमारी पहचान किसी खास धर्म व् संप्रदाय के अनुयायी के रूप में नहीं बल्कि भारतीय के रूप में होती है/ हमारा संविधान हमें अपने आस्था के अनुरूप ईश्वर की आराधना का सम्पूर्ण अधिकार देता है और हमारा मज़हब अपने वतन से भरपुर मुहब्बत करने की हिदायत देता है/ कही कोई उलझन नहीं/ सियासी दृष्टिकोण कभी कभी उलझने पैदा करने की कोशिस करता है परन्तु हमारी सौहार्दय की शानदार विरासत उन उलझनों से हमें महफ़ूज़ रखता है/ आये हम सभी आपसी सौहार्द्य को बनाये रखे, एक दुसरे से निरंतर संवाद बनाये रखे, एक दुसरे के खिलाफ़ उठाये जाने वाले प्रश्नों का हल एक दुसरे के मर्यादा का सम्मान करते हुए अपने संविधान के परिधि के अंतर्गत तलाशने का निरंतर प्रयास जारी रखे/
पैगामे मुहब्बत के कारवां को आगे बढ़ाते हैं, नफरतो की दीवार पर प्यार का इन्द्रधनुषी रंग चढाते हैं/

आपका हमराही

हारून रशीद