For your feedback, suggestions and complaints email us at feedback@houseofwisdom.org. We value your suggestions and complaints.

Harun Ansari

16-04-2020

सौहार्द्य का आनंदमय सफ़र

जब तक धर्म का अनुसरण अध्यात्मिकता के लिए किया जाता है धर्म अपने वास्तविक स्वरुप में होता है और वह सहिषुण होता है लेकिन जैसे ही धर्म का उपयोग सत्ता के भोग के लिए किया जाने लगता है वह असहिषुण हो जाता है/ यह जितना इस्लाम के लिए सत्य है उतना ही अन्य सभी धर्म के लिए भी सत्य है/
चले इस्लाम के सफ़र पर और अनुभव करे इस्लाम क्या है /